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शहर में निरंतर बढ़ते वाहनों के दबाव और बिगड़ती यातायात व्यवस्था

 

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कटनी

प्रावधानों की जानकारी देते हुए पारदर्शी प्रक्रिया से आगे बढ़ने की बात कही।
इस पूरे प्रयास में ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि ट्रांसपोर्टर स्वेच्छा से शहर के भीतर से अपने भारी वाहनों का संचालन बंद कर ट्रांसपोर्ट नगर में स्थानांतरित होते हैं, तो शहर की संकरी सड़कों पर जाम की समस्या स्वतः कम होगी, दुर्घटनाओं में कमी आएगी और नागरिकों को सुगम आवागमन का लाभ मिलेगा। बैठक में मेयर इन काउंसिल सदस्य, नगर निगम के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्ट व्यवसायी उपस्थित रहे। स्पष्ट रूप से यह संदेश उभरकर सामने आया कि जनप्रतिनिधि, प्रशासन और ट्रांसपोर्टर तीनों के सामूहिक सहयोग से ही कटनी की यातायात व्यवस्था को स्थायी रूप से सुधारा जा सकता है।कटनी।। शहर में निरंतर बढ़ते वाहनों के दबाव और बिगड़ती यातायात व्यवस्था को सुधारने की दिशा में ट्रांसपोर्ट नगर का पूर्ण संचालन अब शहर की अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है। इसी महत्वपूर्ण उद्देश्य को लेकर पुरैनी स्थित ट्रांसपोर्ट नगर के सुव्यवस्थित संचालन एवं लंबित समस्याओं के निराकरण हेतु कलेक्ट्रेट कार्यालय में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों की सक्रिय सहभागिता रही।
बैठक की अध्यक्षता में मुड़वारा विधायक संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शहर का विकास सर्वोपरि है और इसके लिए आवश्यक है कि जिन ट्रांसपोर्टरों को भूखंड आवंटित हो चुके हैं, वे शीघ्र ही ट्रांसपोर्ट नगर से ही अपना व्यवसाय प्रारंभ करें। उन्होंने कहा कि यदि भारी वाहन शहर के भीतर संचालित होते रहेंगे तो यातायात दबाव कम नहीं हो सकता। विधायक श्री जायसवाल ने ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना से लेकर शासन स्तर पर भूमि आवंटन और अब तक कराए गए विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी देते हुए शेष 115 नवीन ट्रांसपोर्टरों को भी नो प्रॉफिट–नो लॉस के आधार पर भूखंड आवंटन के लिए शासन स्तर पर पुनः प्रयास करने का आश्वासन दिया।
महापौर श्रीमती प्रीति संजीव सूरी ने कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर का व्यवस्थित संचालन नगर निगम की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निगम द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं ताकि ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को वहां बेहतर सड़क, पार्किंग, मरम्मत यार्ड, ढाबा, रेस्टोरेंट, धर्मकांटा, पेट्रोल पंप जैसी मूलभूत एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। महापौर ने कहा कि ट्रांसपोर्टर यदि शहर से बाहर ट्रांसपोर्ट नगर में व्यवसाय करेंगे, तो इससे न केवल यातायात व्यवस्था सुधरेगी बल्कि आम नागरिकों को भी राहत मिलेगी।
निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने ट्रांसपोर्ट नगर की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यहां कुल 126 भूखंड रिक्त हैं, जिन्हें नियमानुसार नीलामी के माध्यम से आवंटित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शासन के नवीन दिशा-निर्देशों के तहत अब भूखंडों का आवंटन अचल संपत्ति अंतरण नियमों के अनुसार निविदा प्रक्रिया से ही संभव है। साथ ही ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चार किश्तों में भुगतान की व्यवस्था भी की गई है। निगमायुक्त ने यह भी बताया कि पूर्व में चिन्हित 226 ट्रांसपोर्टरों में से पात्र 114 को भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं, जिनमें से 77 ने निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया है।
बैठक में ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष बी.एन. तिवारी ने ट्रांसपोर्टरों की ओर से शेष व्यवसायियों को भी नो लॉस–नो प्रोफिट आधार पर भूखंड आवंटन की मांग रखी। इस पर प्रशासन ने शासन के प्रावधानों की जानकारी देते हुए पारदर्शी प्रक्रिया से आगे बढ़ने की बात कही।
इस पूरे प्रयास में ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि ट्रांसपोर्टर स्वेच्छा से शहर के भीतर से अपने भारी वाहनों का संचालन बंद कर ट्रांसपोर्ट नगर में स्थानांतरित होते हैं, तो शहर की संकरी सड़कों पर जाम की समस्या स्वतः कम होगी, दुर्घटनाओं में कमी आएगी और नागरिकों को सुगम आवागमन का लाभ मिलेगा। बैठक में मेयर इन काउंसिल सदस्य, नगर निगम के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्ट व्यवसायी उपस्थित रहे। स्पष्ट रूप से यह संदेश उभरकर सामने आया कि जनप्रतिनिधि, प्रशासन और ट्रांसपोर्टर तीनों के सामूहिक सहयोग से ही कटनी की यातायात व्यवस्था को स्थायी रूप से सुधारा जा सकता है।

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